एक सर्जिकल स्ट्राइक , सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पूछने वालो पर भी होनी चाहिए !

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भूतकाल में सरकार के कार्यकलाप –

एक ऐसा समय भी था जब भारत की सरहद पर लड़ रहे जवान को पूर्ण रूप से दूसरी साइड वाले जवान को पेले जाने के आदेश नही थे , एक ऐसा समय भी था जब शान्ति की बातें करके पीठ पर छूरा भोंका जाता था , एक ऐसा समय भी था जब भारत के प्रधानमंत्री / भारत की सरकार देश में हमले होने पर विदेशो में लव लैटर लिखती थी , एक ऐसा भी समय था जब भारतीय सरकार के नेता देश पर हुए हमलों का जिम्मेदार आतंकवादियों को ना ठहराते हुए आरएसएस को ठहराते थे, एक ऐसा भी समय था जब भारतीय सेना के लिए हथियार/रक्षा सामग्री खरीदते हुए घोटाले किये जाते थे , वर्तमान में समय कुछ और है , समय ने अंगडाई ली और ऐसी ली कि पिछली सारी बातें धरी रह गयी हैं |

 

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वर्तमान सरकार द्वारा किये गए वादे –

वर्तमान सरकार सामने वाली छोटी कुर्सी पर बैठकर बड़ी कुर्सी पर बैठी केंद्र सरकार , मनमोहन सरकार द्वारा किये गए कायरतापूर्ण फैसलों का विरोध बिना रुके / थमे किया करती थी , करना बनता भी था और राष्ट्रवादी होने के नाते शत-प्रतिशत वादे भी किये गए थे देश की जनता से की आंच नही आने देंगे , जवानो का बदला लिया जायेगा , खुली छूट दी जाएगी पेलम-पाली करने की सामने वालो के साथ अगर चुना गया अगले चुनावों में , देश की जनता ने ये सब वादे करने वाले का मुंह देखा , मुंह नरेन्द्र मोदी का था | जनता ने नरेन्द्र मोदी के इतिहास को मद्दे नजर रखते हुए उन्हें मौका दिया देश को किये गए वादे पूरे करने का , मौका मिलना भी चाहिए था |

 

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वर्तमान सरकार की सफल नीतियां –

वर्तमान मोदी सरकार एक विशेष नीति के साथ सामने आई , पहले प्यार से समझायेंगे अगर नहीं समझोगे तो बन्दूक निकाल कर ठाएँ-ठाएँ , नवाज़ की माँ के लिए साड़ी , नवाज की बेटी को आशीर्वाद , नवाज का जन्मदिन , क्या कमी रह गयी थी प्रयासों में ? जो धोखा देने वाली आदत में सुधार नहीं कर पाए ? तुम पाकिस्तानियों ? , लगातार पीठ में छूरा घोंपा, लगातार मौका दिया गया आतंकवाद छोड़ देश की समस्याओं पर ध्यान देने का पर नहीं , बिल्ली को शेरनी की तरह पेंट कर देने से बिल्ली मियाऊं कर देना नहीं छोड़ देती ये बात मोदी जी को समझ लेनी चाहिए थी जल्द ही , कायरों ने सोते हुए शेरों पर हमला कर युद्ध के नीयम तोड़े , इनके लिए क्या नीयम क्या क़ानून , इस हमले में हमारे 19 जवान शहीद हो गए , देश का खून खौल उठा , राजनीतिक पार्टियों ने मोदी को इसके लिए जिम्मेवार बताया और जल्द से जल्द एक्शन ना लेने के लिए कोसा , पूरे देश में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे थे , देश बदला चाहता था |

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वर्तमान सरकार का आतंकवाद को जवाब –

मोदी सरकार ने कुल मिला कर २ सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादियों को जवाब देने का सफल प्रयास किया , १ का खुलासा किसी न्यूज़ पोर्टल के आंतरिक स्रोतों द्वारा किया गया , सरकार ने ऐसे किसी भी एक्शन से साफ़ मन कर दिया , हालांकि जो हुआ था वो हुआ था , दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद भारतीय DGMO द्वारा प्रेस वार्ता में बताया गया की पाकिस्तान में आतंकवादी कैंपो में भारतीय सैनिकों द्वारा ताबड़तोड़ हमले किये गए हैं , पाकिस्तान संभल जाये , हालांकि पाकिस्तान ने ऐसी किसी भी सर्जिकल स्ट्राइक से मन कर दिया ( ३ दिन के बाद ) , मान कैसे लेते ? बेज्ज़ती थोड़ी करवानी थी ? , बेइज्जती तो उनकी होती है जिनकी कोई इज्जत होती है भूल गया था , इस प्रकार वर्तमान सरकार ने आतंकवादियों के स्थान विशेष में आग लगा कर घी डाल दिया और साथ में हवा भी चला दी , पाकिस्तान को डिप्लोमेसी के द्वारा चारो तरफ से घेर लिया गया , केवल चाइना ही पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दिया |

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देश में रह रहे जयचंदों के अनुमान –

देश में रह रहे जयचंदों द्वारा वर्तमान सरकार की आलोचना का दौर चालु हो चूका था , इसमें तथाकथित पत्रकार , नए नए बने नेता , इमेजिनरी नौजवान नेता , जिद्दी चुल्ले प्रो-क्लैमेड नेता लोगो द्वारा सरकार / भारतीय आर्मी द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक के दावों का खंडन किया गया , और वे किसी न किसी रूप में अपनी राजनीती की गांठे और मजबूत बाँधने की कोशिश करते रहे , कुछ ने तो कहा की भाई विडियो दिखा दो अगर हमले किये हैं तो , अरे भैया पहले समझ तो लो सर्जिकल स्ट्राइक क्या होती है ? फिलिम है क्या विडियो तेरे टीवी पर चला देंगे ? और अपनी आर्मी पर विश्वास नही है तो क्यों सवाल पूछ रहा है , हक किसने दिया है सवाल पूछने का राष्ट्रिय सुरक्षा मुद्दों में ? एक बालक बुद्धि ने खून की दलाली टाइप कुछ कमेंट किया , शायद अपने पिताजी की बात कर रहा हो ? “पिताजी” नोट मोदी जी |

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गद्दारों पर सर्जिकल स्ट्राइक –

देश में रह रहे सांपो को उनके बिल से निकल रस्सी से बाँध नेवलो का समूह उनपर छोड़ देने का समय आ गया है , इनकी जबान रमेश – सुरेश के पिताजी की पतलून से एंटी डायरेक्शन में बड़ी होती जा रही है , राजनीती चमकाने के मौके और देश की सुरक्षा के मुद्दों पर मुह्बकर में बहुत फ़र्क है , देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने और देश के दुश्मनों के कंधे बैठे अपनी सरकार पर सवाल उठाते इन गद्दारों पर एक ख़ास तरह की सर्जिकल स्ट्राइक होनी चाहिए , जिसमे इन गद्दारों को तोप में लिटा कर सरहद पार देश की दलाली करने के जुर्म में प्रत्यक्ष रूप से जहन्नुम भेज देना चाहिए , जहाँ ये अपनी फ्रीडम ऑफ़ स्पीच / एक्सप्रेशन का भर भर के उपयोग कर सकें , ऐसे लोगो को स्थान के हिसाब से डिपोर्ट कर देना ही देश के लिए हितकारी होगा , ऐसी जगह जहाँ इन्हें जनसमर्थन मिले भारत का विरोध करने को , इनके लिए उपर्युक्त होगा , देश में रहकर देश के खिलाफ बोला अब और सहेन नही किया जाना चाहिए |

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