ऐसा गाँव जहाँ रावण को पूजा जाता है , दशहरा पर मनाया जाता है शोक!

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जहाँ पूरे भारत में दशहरा के उपलक्ष में भगवन श्री राम की रावण के ऊपर विजयी को धूम धाम से बुरे की अच्छाई पर जीत के रूप में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है वहीँ दूसरी ओर -नॉएडा से १५ किलोमीटर की दूरी पर ग्रेटर नॉएडा में एक छोटे से गाँव बिसरख में हर बार की तरह इस बार भी रावण की मृत्यु पर शोक मनाया जायेगा , ऐसा बताया जाता है की बिसरख में रावण की पूजा की जाती रही है और आज भी की जाती है और दशहरा के दिन को त्यौहार के रूप में नही मनाया जाता है , बिसरख गाँव में पिछले ४०-५० सालो से रामलीला का कोई आयोजन नही किया गया है , पिछली बार जब कुछ लोगो ने रामलीला का आयोजन करने का प्रयास किया था तो रामलीला के लक्ष्मण की अकस्मात मृत्यु हो गयी , दूसरी बार श्री राम का किरदार निभाने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो गयी , तब ही से वहां के लोगो में डर बैठ गया , और रावण की, की जाने वाली पूजा को फिर से शुरू किया गया !

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बताया जाता है की यह गाँव रावण का जन्मस्थान है और यहाँ एक मंदिर में शिवलिंग की स्थापना रावण के पिता द्वारा की गयी थी , परन्तु वर्तमान में उस मंदिर को रावण का मंदिर कहा जाता है और बिसरख को रावण जन्मभूमि के नाम से जाना जाता है , गाँव में रहने वाले लोगो का इन घटनाओं पर विश्वास अटूट है अतः ये लोग दशहरा पर्व को किसी त्यौहार के रूप में नही मनाते हैं , गाँव के प्रधान का यह कहना है की रावण की मूर्ती का निर्माण किया जा चुका है और जल्द ही उस मूर्ति की स्थापना इस मंदिर में की जाएगी , साथ ही यहाँ के MP जो की भारतीय सरकार में कल्चरल मिनिस्टर पद पर हैं मुकेश शर्मा का कहना है की बिसरख को जल्द ही एक पर्यटन स्थल में बदल दिया जायेगा !

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Archaeological Survey of India (ASI) की एक टीम ने यहाँ दौरा किया और कहा जो शिवलिंग माना जाता है की रावण द्वारा पूजा जाता था उसकी ऐतिहासिक विशेषताएं हैं और इसको सुरक्षित रखा जायेगा , हाल ही में बिसरख स्थित मंदिर में रावण की दस सर व् बीस भुजाओं वाली मूर्ति की स्थापना कर दी गयी है !

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