दिल्ली सल्तनत के राजा केजरीवाल व् बिहार प्रशासन ने हमारे मौलिक अधिकारों का हनन किया है- “अध्यक्ष राष्ट्रिय चूहां महासभा”!

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मैं एक चूहां हूँ, मै अपने काम से काम रखता हूँ, मै बिल्ली की तरह दूध भी नहीं पीता हूँ, स्टुअर्ट लिटिल की तरह अट्टेंशन भी नहीं चाहता हूँ, मै लोगो के घरो में आता हूँ, थोडा सामान कुतरता हूँ और चुपचाप चला जाता हूँ! पहले लोग मुझे चूहेदानी में फंसाने के लिए ब्रेड/रोटी अथवा पनीर का टुकड़ा लगाया करते थे, बच्चो की किताबें फाड़ना, कुतर देना हमारा लोकल एंटरटेनमेंट हुआ करता था! हमारा दायरा और हमारी औकात केवल यहाँ तक निर्णित की गयी थी, हमे कोई ज्यादा भाव नहीं देता था और ना ही हमे किसी से आशा थी!

परन्तु जब से इस लोकतंत्र में इल्जामात लगाने का सिलसिला चालु हुआ है तबसे श्री नरेन्द्र मोदी जी और हमे कुछ राजनीतिज्ञों ने अकेला नहीं रहने दिया है, देश में हों या विदेश में कोई भी घटना होती है तो सबसे पहले इलज़ाम लगाने को श्री मोदी जी का नाम लिया जाता है उसके बाद हमारा! दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद हम बहुत खुश थे की एक भ्रष्टाचारी औरत शीला दीक्षित के काले कारनामो का चिटठा जो की श्री श्री अरविन्द केजरीवाल के पास ३७० पन्नो के रूम में मौजूद था सबके सामने बाहर आयेगा! परन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ, बल्कि सारा ठीकरा हमारे सर फोड़ दिया गया!

श्री केजरीवाल जी ने इलज़ाम लगाया की शीला दीक्षित के खिलाफ सबूत को चूहें खा गए हैं, मतलब सीधे तौर पर नहीं तो घुमा फिरा कर शीला जी ने भ्रष्टाचार नहीं किया है, सत्ता में आने के बाद हम बेजुबानों पर ऐसा इलज़ाम लगाकर श्री केज्रिअल जी ने हमारे बेसिक राइट्स का हनन किया, हम निर्दोष होते हुए भी मूक ही रह सकते थे ये हमारी नीयती थी, हमारी मजबूरी थी!

वर्तमान में हम बहुत खुश थे, हमारे ऊपर ऐसे घिनौने इलज़ाम नहीं लग रहे थे कि कल खबर आई बिहार में शराब बंदी के बाद जब्त करी हुई ९ लाख लीटर दारु चूहें पी गए! वाह नितीश जी वाह! चलो केजरीवाल जी की तो मानते हैं पर आप? आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी! मतलब ऐसा हो ही कैसे सकता है? बिहार प्रशासन की वजह से आज हम भारत के चूहें अन्तराष्ट्रीय खबरों में भी छाए हुए हैं! खैर हम मूक होने के कारण आपके भ्रष्टाचार को बाहर नहीं ला सकते पर देश में और देश के बाहर के लोगो से उम्मीद जरूर लगा सकते हैं की आप अपना दिमाग लगायें और सोचे की क्या कोई चूहों का दल सील्ड बोत्तलों को खोलकर ९ लाख लीटर दारु पी सकता है क्या?

इस खबर ने चूहां जगत में हडकंप मचा दिया है, हालांकि सब समझ सकते हैं हम चूहां लोग कहाँ तक सीमित हैं, हमारी आप राजनीतिज्ञों से विनती है की अपने पोलिटिकल गेन व् भ्रष्टाचार को दबाने के लिए कृपया हमे न भांडे, हम केवल चूहें हैं, हमें कृपया कर चोर ना बनाइये वो भी दारु की बोत्तलो का!

-अध्यक्ष, राष्ट्रिय चूहां महासभा

 

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